एबीसी विश्लेषण और लागत निर्धारण

Description

विशिष्ट अनुकूलन विधियाँ: एबीसी विश्लेषण और लागत मूल्यांकन

आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में अनुकूलन एक जटिल, बहुआयामी प्रयास है जो विशिष्ट विश्लेषणात्मक विधियों से लाभान्वित होता है। सबसे प्रभावी में उत्पाद पदानुक्रम के लिए ABC विश्लेषण और स्टॉक स्तरों तथा सेवा दरों को समायोजित करने के लिए लागत विश्लेषण शामिल हैं। यह मार्गदर्शिका इन उन्नत तकनीकों में गहराई से उतरती है ताकि आप अपनी आपूर्ति श्रृंखला रणनीतियों को परिष्कृत कर सकें।

एबीसी विश्लेषण: अपनी इन्वेंटरी को प्राथमिकता दें

एबीसी विश्लेषण एक पद्धति है जिसका उपयोग इन्वेंट्री को उनकी महत्वता के अनुसार तीन श्रेणियों – A, B और C – में वर्गीकृत करने के लिए किया जाता है।

  • श्रेणी A: कम आवृत्ति वाले उच्च-मूल्य की वस्तुएँ।
  • श्रेणी B: मध्यम-मूल्य वाली वस्तुएँ जिनकी आवृत्ति मध्यम है।
  • श्रेणी C: उच्च आवृत्ति वाले कम-मूल्य के आइटम।

यह कैसे काम करता है

  1. इन्वेंटरी सॉर्टिंग: उत्पादों को वार्षिक खपत मूल्य के अनुसार क्रमबद्ध करें। वार्षिक खपत मूल्य = इकाई लागत * वार्षिक मांग
  2. श्रेणीकरण: उन्हें श्रेणी A, B या C में आवंटित करें।
  3. समीक्षा और समायोजन: बाज़ार की परिस्थितियों के अनुरूप रणनीतियों को समायोजित करने के लिए समय-समय पर ABC विश्लेषण की समीक्षा करें।

लाभ

  • लक्षित इन्वेंटरी नियंत्रण: उच्च-प्रभाव वाली वस्तुओं को प्राथमिकता दें।
  • संसाधनों का कुशल उपयोग: संसाधनों को वहाँ आवंटित करें जहाँ उनका सबसे अधिक प्रभाव हो।

लागत विश्लेषण: स्टॉक स्तर और सेवा दरों को समायोजित करें।

लागत व्यवहार को समझना स्टॉक स्तरों और सेवा दरों को अनुकूलित करने की कुंजी है। ध्यान दो मुख्य घटकों पर केंद्रित है:

  • धारण लागत: उत्पादों को संग्रहीत करने की लागत, जो अक्सर उत्पाद मूल्य का प्रतिशत होती है।
  • आउट-ऑफ-स्टॉक लागत: जब कोई वस्तु उपलब्ध नहीं होती है तो होने वाली लागत, जिसमें बिक्री का नुकसान और ग्राहक असंतोष शामिल है।

विधि

  1. लागत गणना: होल्डिंग लागत और स्टॉकआउट लागत निर्धारित करें। होल्डिंग लागत = प्रति इकाई होल्डिंग लागत * औसत स्टॉक स्तर स्टॉकआउट लागत = बिक्री में हानि + अतिरिक्त आपातकालीन शिपिंग लागत
  2. सेवा दर विश्लेषण: विभिन्न सेवा स्तरों की लाभप्रदता की जांच करें। कुल लागत = धारण लागत + स्टॉकआउट लागत
  3. समायोजन: विश्लेषण के अनुसार स्टॉक स्तर और सेवा दरों को संशोधित करें।

लाभ

  • लागत में कमी: स्टॉक स्तर को समायोजित करके होल्डिंग और आउट-ऑफ-स्टॉक लागत को कम करें।
  • अनुकूलित सेवा स्तर: सेवा गुणवत्ता और लागतों के बीच सर्वोत्तम संतुलन प्राप्त करें।

निष्कर्ष

जहाँ सामान्य अनुकूलन रणनीतियाँ आपूर्ति श्रृंखला में सुधार के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करती हैं, वहीं ABC विश्लेषण और लागत विश्लेषण जैसी लक्षित विधियाँ विशिष्ट, क्रियान्वयन योग्य अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं। ये पद्धतियाँ इन्वेंटरी नियंत्रण, संसाधन आवंटन और सेवा स्तरों को परिष्कृत करने में मदद करती हैं, जिससे एक अधिक सुव्यवस्थित और लाभदायक आपूर्ति श्रृंखला बनती है।

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Supply Chain

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